रेलवे के ऐसे तथ्य जिनको जानकार आपके होश उड़ जायेंगे

भारतीय रेलवे के ऐसे तथ्य जिनको जानकार आपके होश उड़ जायेंगे

भारत की जीवन रेखा कही जाने वाली भारतीय रेलवे मानव संसाधन विकास में एक बहुत ही अहम् भूमिका निभाता है| 127,760 किलोमीटर की कुल लम्बाई वाले लगभग 63,000 रेलमार्गों के साथ ये करोडो भारतीयों को उनके गंतव्य स्थान तक ले जाकर देश कि आर्थिक तरक्की में मदद करता है| चाहे रोजगार की बात हो या बढती सुविधाओं की भारतीय रेलवे सबसे आगे मिलता है| लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस महकमे की कुछ ऐसी बातें भी हैं जिन्हें जाने के बाद आप जब भी रेल में सफ़र करेंगे तो एक गर्व का अनुभव करेंगे| हम यहाँ आपके लिए लाये हैं भारतीय रेलवे के ऐसे तथ्य जिनको जानकार आपके होश उड़ जायेंगे|

रेलवे के ऐसे तथ्य जिनको जानकार आपके होश उड़ जायेंगे

१. भारतीय रेलवे, जो कि एक सरकार द्वारा नियंत्रण किया जाता है सबसे लम्बा रेलवे नेटवर्क है| और कुल 127,760 किमी. लम्बाई के साथ विश्व का तीसरा सबसे लम्बा नेटवर्क है!


२.भारतीय रेलवे के खड़कपुर स्टेशन की लम्बाई देश में सबसे अधिक जानी जाती है, लगभग 2,733 फीट! लेकिन हाल ही में सारे रिकॉर्ड तोड़कर, गोरखपुर रेलवे स्टेशन ने 4,430 फीट की ऊंचाई के साथ खड़कपुर स्टेशन को पीछे छोड़ा !


३. अगला तथ्य जानकर आपको और भी हैरानी होगी कि दो बहुत ही उत्तम और ऐतिहासिक तत्व “भारतीय पर्वत” और “छत्रपति शिवाजी टर्मिनस” यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल है!


४. भारतीय रेलवे में पाँच बहुत ही उत्तम लक्ज़री गाड़ियाँ शामिल है जो की यात्रियों को कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करती है! वह पाँच गाड़ियाँ जो की अपने शाही अदांज के लिए जानी जाती है उनका नाम है रॉयल राजस्थान, पैलेस ओन व्हील्स, गोल्डन चरिओत, महाराजा एक्सप्रेस,डेक्कन ओडिसी!


५. एक बहुत ही प्रसिद्ध रेल गाड़ी “विवेक एक्सप्रेस”(डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी) दोड़ सबसे लंबी है, इस ट्रेन की गति सबसे कम “अजनी” “औरनागपुर” स्टेशन पर ही होती है, लगबग ३ किमी!


६. दो बहुत ही भिन्न स्टेशन “श्रीरामपुर” और “बेलापुर” महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है! चौंकाने वाली बात तो ये की दोनों एक ही स्थान पर स्थित है पर फिर भी इनकी दिशायें बिल्कुल विपरीत है!

७. भारत के बहुत ही प्रसिद्ध “मुथरा” स्टेशन के कई मार्ग है, जिनमे से कुछ नाम है दिल्ली से BG लाइन, BG लाइन से अमबाला कैंट तक, MG लाइन वृन्दावन तक आदि!


८. डिब्बों के लिए अनुनाद आवृत्ति 72 बीपीएम या 1.2 हर्ट्ज रखी जाती है! जेसे की आपको मालूम होगा की मानव शरीर 1.2 हर्ट्ज फ्रीक्वेंसी में सबसे अधिक आरामदायक होता है क्योंकि यह हमारी सामान्य दिल की धड़कन की सबसे महत्वपूर्ण आवृत्तियों में से एक है! तो ये एक ख़ास कारण है की यात्री ट्रेनों में अच्छी तरह से सोते हैं।


९. रेलवे 94% ऑपरेटिंग रेश्यो पर काम करता है, यहाँ तक की ये जो पैसे कमाता है उस पर उससे अधिक पैसा खर्च करता है! रेलवे के अनुसार जो हर १०० रूपये से ४ रूपये कमाए जाते है जो कि बहुत ही कम है और ये कारण है रेलवे कम राजस्व से पीड़ित है!

१० अगली चौंकाने वाली बात ये है की नागपुर में “डायमंड क्रासिंग” एक ऐसा तत्व है जहाँ से रेलगाड़ियाँ पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में जाती हैं!


११. भारतीय रेलवे चिनाब के ऊपर दुनिया के सबसे बड़ा रेल पुल का निर्माण कर रहा है। ख़बर के अनुसार वह पुल 1,315 मीटर लंबा होगा और लगबग 25,000 टन स्टील का इस्तेमाल होगा| हालांकि ये विचार प्रशासन के दिमाग में सन २००८ में ही आया था , पर कुछ सुरक्षा चिंताओ के कारण उसको रोक दिया गया!और अब इस परियोजनाके इस साल तक पूरा होने की सम्भावना है!


१२ . देश में सबसे लंबी सुरंग “जम्मू और कश्मीर” में पीर पंजाल रेलवे सुरंग है जो कि 11.25 किलोमीटर लंबी है!


१३. भारत में सबसे व्यस्त जंक्शन कोलकाता का “हावड़ा जंक्शन” है जहाँ कम से कम 974 रेलगाड़ियां रोज रोकी जाती है!


१४. रेलवे डिब्बों में सभी प्रकार के विद्युत् उपकरण (पंखे, रौशनी ) 220 वोल्ट के बजाय 110 वोल्ट पर कार्य करते हैं। जो की बहुत ही लाभदयक तथा यात्रियों के लिए प्रभावशाली है खासकर की चोरों से बचाव के लिए!


१५. भारतीय रेलवे के लिए” भोलू” या “भोलू गार्ड हाथी” शुभंकर हैं, जिसको भारतीय डिजाइन संस्थान द्वारा दिनांक 16th April 2002 को प्रकाशित किया गया था।


१६. आपको ये जानकार हैरानी होगी की सबसे पुरानी भारतीय लोकोमोटिव “फेयरी क्वीन” अभी भी प्रयोग में है जो की पहले स्टीम इंजन के साथ काम करता था!


१७. भारतीय रेल कुल 1.4 मिलियन कर्मचारियों के साथ दुनिया के आठवे सबसे बड़े नियोक्ता हैं!


१८. कम्प्यूटरीकृत आरक्षण जो की आजकल बहुत ही प्रसिद्ध है, इसका आरंभ दिल्ली में 1986 में हुआ था!


१९. भारतीय रेल ने विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर, 2007 को “जागरूकता अभियान ट्रेन” की शुरुआत की, जिसे “लाल रिबन एक्सप्रेस” के नाम से भी जाना जाता है!


२०. भारत में आठ रेलवे संग्रहालय हैं- दिल्ली, पुणे, कानपुर, मैसूर, कोलकाता, चेन्नई, घूम और तिरुचिरापल्ली। इनमें से, दिल्ली में राष्ट्रीय रेल संग्रहालय एशिया का सबसे बड़ा रेल संग्रहालय है।


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